खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे
मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे
नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे
जलते थे लोग हमसे जब तुम साथ थे
आजकल तो बस हम खयालो में रहते है
दुनिया की हर खबर से बेखबर रहते हैं
लोग कहते हैं आजकल हम पागल से दीखते हैं
कुछ तो था जो बदल गया
सुबह की वोह मीठी बातें हमे आज भी सताती है
शाम की वोह तीखी बातें दिल को दुखाती हैं
कोई साथी तो था जो बदल गया
भीड़ में भी खुद को तनहा पाते हैं,
जब याद आते हैं वोह पल, जब तुम साथ थे
महफिल में भी रुला जाते हैं
जब याद आते हैं वोह पल, जब तुम साथ थे