हर शाम को हम उनका नाम लिया करते हैं
दिल के ज़ख्मो को थोड़ा और ताज़ा करते हैं
उनकी खुशियों के किस्से तमाम गढ़ते हैं
एक उम्मीद, एक आशा में जिया करते हैं
कुछ बातें, कुछ कसमे याद करते हैं
और उनकी बेवफा आँखों में हम आज भी वफ़ा ढूँढा करते हैं
लोग कहते हैं,
हम गम के सौदागर हैं, गमो का सौदा करते हैं
अपनी मुस्कराहट बेच देते हैं और उनका गम खरीद लेते हैं
bahut khoob
sach kaha hai aapne. isi tarh nirantar likhte rahiye.
http://www.merakamra.blogspot.com
i was fantastic