समय के सफ़र में प्रहर जब रात का आया, कोई भूल गया वो अपना साथी जो था ! मंजिल की दौर में प्रहर जब हार का आया, कोई भूल गया वो अपना साथी जो था ! जीत की ख़ुशी में, हार के गम में, याद आ गया वो अपना साथी जो था ! मन के [...]
Archive for the ‘जीवन’ Category
अपना साथी जो था !!
Posted in जीवन, प्यार, यादें, tagged अपना साथी जो था, प्यार, प्रहर, भुला, समय, साथी, Lost Love on जनवरी 16, 2010 | 5 Comments »
~~ कभी पलकों पे आंसू ~~
Posted in कविता, जीवन, Kavita, Poem, tagged उम्मीद, कभी आंसू, जीवन, पलक, बेचैनी, हिन्दी कविता, Hindi Poem on दिसम्बर 24, 2008 | 2 Comments »
कभी पलकों पे आंसू आते हैं तो कभी लब थरथराते हैं, कभी दिल में बेचैनी होती है तो कभी साँसे थम सी जाती हैं कभी ख़ुद की धड़कन पढ़ते हैं तो कभी धड़कन में ज़िन्दगी ढूँढा करते हैं कभी शब्दों का सृजन करते हैं तो कभी शब्दों की परिभाषा ढूँढा करते हैं कभी महल की [...]