चाँद सी मोहक अदाएं हैं जिसकी, वो मेरी महबूबा है, चन्दन सा आकर्षण और कुमकुम सी कोमलता है जिसकी वो मेरी महबूबा है ! दीप सी दमकती आभा है जिसकी वो मेरी महबूबा है, सलोनी सी सूरत और तुलसी सी पवित्रता है जिसकी, वो मेरी महबूबा है ! हिम सी शीतलता है जिसमें [...]
Archive for the ‘सुन्दरता’ Category
वो मेरी महबूबा है..
Posted in कविता, प्यार, सुन्दरता, tagged कोयल सी आवाज़, चाँद सी मोहक, मधु सी मिठास, वो मेरी महबूबा है, सलोनी सी सूरत, wo meri mehbooba hai on जनवरी 31, 2010 | 6 Comments »
~~ वो सबसे प्यारी है ~~
Posted in कविता, सुन्दरता, Kavita, tagged खूबशुरती, ख्वाब, पल में जीना, बुलबुल, वो सबसे प्यारी है, Beauty, bulbul on जनवरी 3, 2009 | 2 Comments »
ख्वाबो की क्यारी है फूलो से न्यारी है रात की चाँदनी चकोर की दीवानगी और सपनो की रवानगी है पल में जीना पल में भुझना दर्पण के जैसी नादानी है दिल के पुस्तक की कोई कविता और सौंदर्य को चित्रित करती कोई सरिता है परी के जैसी सुन्दरता है और बुलबुल के जैसी चंचलता है [...]