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Archive for the ‘Kavita’ Category

खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे
मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे
नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे
जलते थे लोग हमसे जब तुम साथ थे

आजकल तो बस हम खयालो में रहते है
दुनिया की हर खबर से बेखबर रहते हैं
लोग कहते हैं आजकल हम पागल से दीखते हैं

कुछ तो था जो [...]

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आई होली करो तुम धमाल और गाओ सा रा रा रा 
रंग डालो उडाओ गुलाल और गाओ सा रा रा रा 

प्रीत के संग छेडो तराने
 कुछ लम्हे पुराने 
और गाओ सा रा रा रा 

आई होली करो तुम धमाल और गाओ सा रा रा रा 
रंग डालो उडाओ गुलाल और गाओ सा रा रा रा 

महकते फूलों की शोभा बढाओ 
इस बेला [...]

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ख्वाबो की क्यारी है
फूलो से न्यारी है
रात की चाँदनी
चकोर की दीवानगी
और सपनो की रवानगी है

पल में जीना पल में भुझना
दर्पण के जैसी नादानी है
दिल के पुस्तक की कोई कविता
और सौंदर्य को चित्रित करती कोई सरिता है

परी के जैसी सुन्दरता है
[...]

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 कभी पलकों पे आंसू आते हैं
तो कभी लब थरथराते हैं,
कभी दिल में बेचैनी होती है
तो कभी साँसे थम सी जाती हैं
कभी ख़ुद की धड़कन पढ़ते हैं

तो कभी धड़कन में ज़िन्दगी ढूँढा करते हैं

कभी शब्दों का सृजन करते हैं
तो कभी शब्दों की परिभाषा ढूँढा करते हैं
कभी [...]

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गर्मी की उस दोपहर में
हम जा बैठे पेड़ की छाव में
वहा हमने देखा ज़मीन पे बिखरे पड़े थे कुछ पत्ते
शायद कुछ दर्द छिपे थे उनके दामन में
शायद कुछ लब्ज़ अभी बाकी थे

हमने उनकी खामोशी को टटोला
उनके ज़ख्मो को थोड़ा सहलाया
उनके बिखरे ज़ज्बातों [...]

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फूलों का होगा एक बाग़, ऐसा सोचा था हमने,
कुछ क्यारियां, कुछ पौधे, और पौधों पे होंगी कुछ कलियाँ
ऐसा सोचा था हमने.. २

सपनो की होगी एक दुनिया, कुछ पल होंगे अनोखे,
हल्की सी होगी बारिस और कुछ बुँदे होंगे बिखरे,
सुबह होगी सुहानी सी और शाम होगी मस्तानी सी,
रात को तारो के संग कुछ पल [...]

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हर शाम को हम उनका नाम लिया करते हैं
दिल के ज़ख्मो को थोड़ा और ताज़ा करते हैं
उनकी खुशियों के किस्से तमाम गढ़ते हैं
एक उम्मीद, एक आशा में जिया करते हैं
कुछ बातें, कुछ कसमे याद करते हैं
और उनकी बेवफा आँखों में हम आज भी वफ़ा ढूँढा करते हैं [...]

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