प्यार के बगिये में फूलों को यूँही खिलाते जाना है, जीवन के दर्पण में रंगों को भरते जाना है ! सावन की फुहार में, चांदनी रातों में, पतझड़ के मौसम में और सर्दी की ठंढ में, हर दिन हर पल गीत नए गाना है, दिल के गलियारे में, यादों को सजाना है ! तुम्हारी चहचहाती [...]
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जीवन के दर्पण में रंगों को भरते जाना है..
Posted in Uncategorized, tagged जीवन, दर्पण, सरगम, सावन की फुहार, Hindi, Love, Poem on दिसम्बर 9, 2009 | 2 Comments »
~~ कभी पलकों पे आंसू ~~
Posted in कविता, जीवन, Kavita, Poem, tagged उम्मीद, कभी आंसू, जीवन, पलक, बेचैनी, हिन्दी कविता, Hindi Poem on दिसम्बर 24, 2008 | 2 Comments »
कभी पलकों पे आंसू आते हैं तो कभी लब थरथराते हैं, कभी दिल में बेचैनी होती है तो कभी साँसे थम सी जाती हैं कभी ख़ुद की धड़कन पढ़ते हैं तो कभी धड़कन में ज़िन्दगी ढूँढा करते हैं कभी शब्दों का सृजन करते हैं तो कभी शब्दों की परिभाषा ढूँढा करते हैं कभी महल की [...]