कभी पलकों पे आंसू आते हैं तो कभी लब थरथराते हैं, कभी दिल में बेचैनी होती है तो कभी साँसे थम सी जाती हैं कभी ख़ुद की धड़कन पढ़ते हैं तो कभी धड़कन में ज़िन्दगी ढूँढा करते हैं कभी शब्दों का सृजन करते हैं तो कभी शब्दों की परिभाषा ढूँढा करते हैं कभी महल की [...]
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~~ कभी पलकों पे आंसू ~~
Posted in कविता, जीवन, Kavita, Poem, tagged उम्मीद, कभी आंसू, जीवन, पलक, बेचैनी, हिन्दी कविता, Hindi Poem on दिसम्बर 24, 2008 | 2 Comments »